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विचार
प्राचीन भारतीय खेल
विविध क्षेत्रों में, विविध आयामों में कभी हम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे, इस पर अधिकतर भारतीयों का विश्वास ही नहीं हैं। यह हमारा दुर्भाग्य हैं।
खेलों के बारे में भी यही सोच है। विश्व का पहला और सबसे प्राचीन स्टेडियम भारत में हैं, यह हमने…
सनातन धर्म के संरक्षण हेतु परिचर्चा में शामिल होंगे स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज
महाकुंभनगर, प्रयागराज।,25 जनवरी। सनातन धर्म के संरक्षण एवं विस्तार को समर्पित महर्षि संस्थान द्वारा महर्षि आश्रम, संगमतट, अरैल प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इस परिचर्चा का विषय "सनातन धर्म के संरक्षण के…
76वें गणतंत्र दिवस पर विकसित भारत का सूत्र: उद्यमिता की रानी नीडोनॉमिक्स
प्रो. मदन मोहन गोयल
हम 26 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहे हैं, ऐसे में भारत 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट (आवश्यकताओं की अर्थव्यवस्था) एक…
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष “इंडिया जो भारत है वह संप्रभुता संपन्न लोकतांत्रिक गणतंत्र…
यह सर्वविदित है कि भारतीय स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को हम भारतवासियों ने “आजादी के अमृत महोत्सव” के रूप में मनाया। यह महोत्सव आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के 75 सप्ताह पूर्व ही…
25 जनवरी**:राष्ट्रीय मतदाता दिवस की उपयोगिता
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है यहां की संघीय सरकार 5 वर्ष के अंतराल में चुनाव के माध्यम से चुनी जाती है । देश के नागरिक इस चुनावी प्रक्रिया में सीधी तौर पर भाग लेते हैं ।…
जैसे भगवान शिव, वैसे ही उनके भक्त भी !!
जगत−जननी मां पार्वती ने एक भूखे भक्त को श्मशान में चिता के अंगारों पर रोटी सेंकते देखा तो उनका कलेजा मुँह को आ गया। वह दौड़ी−दौड़ी ओघड़दानी शंकर के पास गयीं और कहने लगीं-- "भगवन्! मुझे ऐसा लगता हैं कि आपका कठोर हृदय अपने अनन्य भक्तों की…
समर्पण और सेवा के प्रतीक डॉ. ओमप्रकाश मैंगी: संघ कार्य और समाजसेवा में अविस्मरणीय योगदान
संघ के निष्ठावान कार्यकर्ता डा. ओमप्रकाश मैंगी का जन्म 16 जनवरी 1918 को जम्मू में एक समाजसेवी श्री ईश्वरदास जी के घर में हुआ था। सामाजिक कार्यों में सक्रिय पिताजी के विचारों का प्रभाव ओमप्रकाश जी पर पड़ा। प्रारम्भिक शिक्षा जम्मू, भद्रवाह और…
शरतचंद्र चट्टोपाध्याय: ग्रामीण जीवन के संवेदनशील चितेरे और बंगाली साहित्य के अमर लेखक
शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, एक ऐसे व्यक्ति है, जिन्होंने अपने शब्दों और कुछ अविस्मरणीय लेखन के कारण लोगों पर एक गहरी छाप छोड़ी, वह पश्चिम बंगाल को भली भाँति समझते थे। एक विख्यात लेखक, जिनकी स्पष्ट और अविस्मरणीय लेखन की सरल शैली उस समय के नियमित…
डॉ. स्मिता जोशी: स्वास्थ आइकॉन अवार्ड 2025 विजेता, भारत में मधुमेह देखभाल के नए युग की शुरुआत करने…
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,13 जनवरी। स्वास्थ्य क्षेत्र में हमेशा से एक स्थायी बदलाव की आवश्यकता रही है, और इस बदलाव को साकार करने में डॉ. स्मिता जोशी ने अपनी अहम भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी अभूतपूर्व उपलब्धियों…
कार्य-जीवन संतुलन पर पुनर्विचार: 90 घंटे के कार्य सप्ताह पर नीडोनॉमिक्स परिप्रेक्ष्य
प्रो. एम.एम. गोयल, पूर्व कुलपति
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,11 जनवरी। एलएंडटी के सीईओ श्री एस.एन. सुब्रमण्यम द्वारा “विकसित भारत” के लिए 90 घंटे के कार्य सप्ताह का सुझाव देने वाला हालिया बयान व्यापक बहस का विषय बन गया है। भले ही…