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विचार
मिस्टर नाथ, वफ़ादार कब पूजाएँगे?
क्या हुआ जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाओ अभियान का? आपके ही दल के एक जमीनी कार्यकर्ता जीतू दीवान ने शुरू किया था ये अभियान और आप तक पहुँचे थे।
ऐसा क्यों किया कमलनाथजी?
जन आक्रोश रैली से ज्यादा आक्रोश तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में उबाले ले रहा है।शनिवार की दोपहर गांधी हॉल परिसर के मातंग समाज सम्मेलन में मंच से की गई कमलनाथ की यह टिप्पणी अमर्यादित ही मानी जानी चाहिए की पत्रकार समाज का कार्यक्रम बिगाड़ने…
कनाडा: लपटों में तब्दील हो रहा खालिस्तान का धुआं! दो मुल्कों में आई खटास
जितेंद्र भारद्वाज
खालिस्तानी मूवमेंट के चलते भारत और कनाडा, इन दोनों मुल्कों के बीच संबंधों में खटास आ गई है। पीएम मोदी ने 'जी20' शिखर सम्मेलन के दौरान, दिल्ली पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सामने 'खालिस्तान' का मुद्दा उठाया…
14 न्यूज एंकरों का ‘अपराध’ क्या?
14 न्यूज एंकरों का 'अपराध' क्या?
-बलबीर पुंज
बीते सप्ताह विपक्षी गठबंधन (आई.एन.डी.आई.ए.) ने विभिन्न न्यूज चैनलों के 14 टीवी एंकरों का बहिष्कार कर दिया। इस गठजोड़ की मीडिया समिति ने टीवी पत्रकारों के नामों की एक सूची जारी करते हुए…
यदि सनातन धर्म डेंगू मलेरिया की भाँति बीमारी है तो संविधान निर्माताओं ने सनातन प्रतीकों को संविधान…
दक्षिण भारत से एक आवाज उठी है । जिसमें आव्हान है कि "सनातन धर्म डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी है इसे समाप्त करना होगा" इस आव्हान के समर्थन में कुछ और भी स्वर आये ।
कैप्टन अमरिंदर की रीढ़
कॉंग्रेस में किसी भी रीढ़ और दिमाग वाले व्यक्ति के लिये कोई स्थान नहीं होता, यह परंपरा तो गांधीजी के समय से ही स्थापित तथ्य है लेकिन कांग्रेस पर काबिज वर्तमान इटालियन औरत को तो ऐसा कोई व्यक्ति भी बर्दाश्त नहीं जो भारत को विखंडित करने के उसके…
बीस साल बाद का भारत …??!!
प्रस्तुति -:समग्र समाचार सेवा
रोज की तरह आज भी लगभग सुबह पौने पाँच बजे, तेज शोर से अचानक नींद खुल गई!!.. अजान हो रही थी !!..
अब मस्जिदे बहुत ज्यादा दूरी पर नही रह गई थी. हर मोहल्ले में मिलने वाले पार्क अब मस्जिदों का रूप ले चुके है…
भाजपा फिर बहुमत की तरफ, शिवराज सबसे जनप्रिय नेता
नितिनमोहन शर्मा।
जगत मामा यानी शिवराज भैय्या ही मध्यप्रदेश भाजपा के इकलौते खेवनहार साबित हो रहें हैं। उन्ही के दम पर भाजपा मध्यप्रदेश की सत्ता के एक बार फिर लौट रही हैं। वह भी पूर्ण बहुमत के साथ। 140 सीट के आसपास तक। 18 साल की सत्ता के बाद…
बाघा जतिन ……जो कर देते थे अंग्रेजी की पिटाई….
पवन कुमार सरजी
एक ऐसा क्रांतिकारी भी था,जिसका प्लान अगर कामयाब हुआ होता, साथी ने गद्दारी नहीं की होती तो देश 32 साल पहले ही यानी 1915 में स्वतंत्र हो गया होता। जब भय में लोग घरों में भी सहम कर रहते थे, वो अकेला जहां अंग्रेजों को देखता,…
आखिर इस “Indian” शब्द का क्या अर्थ है…
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7सिंतबर। “Indian” शब्द का अर्थ है हरामी संतान, आपने पढ़ा होगा अंग्रेजोँ के समय मेँ सिनेमाघरोँ और कई सार्वजनिक जगहोँ पर “Dogs and Indians are not allowed” का बोर्ड लगा रहता था इसी से आप समझ सकते हैँ, अंग्रेज के…