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जीजीएन विशेष

संस्कृति- परंपराओं के नैरेटिव का रत्ना शाह फंडा

इसी सप्ताह नागपंचमी का त्यौहार मनाया गया। सनातन संस्कृति को मानने वाले अनेक लोगों ने सर्पों की पूजा की, सांपों को दूध पिलाया। कहीं प्रतीकात्मक और कहीं वास्तविक। सावन में शिवजी का जलाभिषेक हो रहा है,, आनेवाले दिनों में रक्षा बंधन, हर छठ,…

राष्ट्रप्रथम- तिरंगे में छुपा स्वतंत्रता का असली मंत्र

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकों का आह्वान किया है कि भारतीय स्वाधीनता के अमृतमहोत्सव (स्वाधीनता का 75वां वर्ष ) को हम स्मरणीय बनाएं। इसके लिए उन्होंने कहा कि 2 अगस्त से 15 अगस्त तक हम हमारे स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक…

संस्कृति- चातुर्मास: पार्थसारथि थपलियाल

भारत देवभूमि है। इस देवभूमि में सनातन संस्कृति के अनुसार जीवन जीने की परंपरा रही है। गाँव मे जनसामान्य भी जानता है कि चौमासे में हमारी जीवनशैली क्या होनी चाहिए। खान पान में कई भोज्य निषेध हैं कई ग्राह्य हैं।

राष्ट्रप्रथम: भ्रष्टाचार बन गया शिष्टाचार

पशिम बंगाल के मंत्री पार्थो बनर्जी इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दायरे में हैं। प्रकरण सभी को मालूम है-शिक्षक भर्ती में धांधली के चलते उन्होंने अनाप सनाप भ्रष्टाचार किया। प्रभावित प्रत्याशी जब कोलकाता उच्च न्यायालय गए और उच्च न्यायालय…

दीदी के राज में ग़रीब बेहाल पर उनके नेता मालामाल, ये कैसी राजनीति, ये कैसा कमाल ?

स्निग्धा श्रीवास्तव कहा जाता है ना बाप बड़ा, ना भैय्या सबसे बड़ा रूपया.......और राजनीति ऐसी चीज है जिसमें कुछ मिले ना मिले घोटाले पैसा कमाने के रास्ते बहुत मिलते है। लेकिन जनता की मेहनत की कमाई को मंत्री इतनी आसानी से डकार मार लें ..यह…

अरूण सिंह ले सकते हैं जेपी नड्डा की जगह

सियासत अक्सर महत्वाकांक्षाओं की गीली मिट्टी से ही आकार पाती है, पर कभी-कभी इस मिट्टी की तासीर इतनी अलग होती है कि वह कुम्हार रूपी जनता को भी चक्कर में डाल देती है।

स्वर्ण अक्षरों में अंकित है- “कारगिल विजय दिवस”, देश के अमर बलिदानियों के कारण चैन से सो…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 26 जुलाई। आज का दिन इतिहास के पन्नो में स्वर्ण अक्षरों से अंकित है। आपको बता दे की आज के ही दिन भारतीय सेना ने कारगिल की दुर्गम लड़ाई में विजयश्री प्राप्त की थी, इसलिए 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में…

क्षत्रिय राजपूत राजा चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य परमार के बारे में कुछ रोचक तथ्य

पवन कुमार सरजी। विक्रमादित्य का नाम उनके जन्म से पहले ही भगवान शिव ने रख दिया था। विक्रमादित्य परमार वंश के 8 वें राजा थे। विक्रमादित्य ने मात्र 20 वर्ष की उम्र में ही शकों को पूरे एशिया से खदेड़ दिया था। विक्रमादित्य ने भारत और एशिया को…