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विचार
व्यवस्था परिवर्तन के नारे को लेकर ‘आप’ उतरेगी हरियाणा के चुनावी महाभारत में
अभी तक तो हरियाणा के चुनावी दंगल में सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस और इनेलो व बसपा का गठबंधन ही दिखाई दे रहा है। लेकिन शीघ्र ही हरियाणा के ही "लाल", अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी चुनावी दंगल में पूरे जोर शोर से उतर रही है। पार्टी के…
2019 में एनडीए को मिलेगी सबसे ज्यादा सीट: सर्वे
17वीं लोकसभा के चुनाव कब होंगे, अनुमानों के बीच अगले चुनाव में नरेन्द्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनकर भाजपा को 2014 की तरह 543 में से ऐतिहासिक 282 सीटें जिता पायेंगे या नहीं उसका राजनीतिक समीकरण राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा राजनीतिक शतरंज की…
ब्याजखोरों को रोकने में नाकाम सरकार, आत्महत्या करता किसान
देश में किसानों और गरीबों की आत्महत्याएं रोकने के लिए कर्जमाफी उतनी असरदार इसलिए साबित नहीं होगी क्योंकि सरकार, सरकारी बैंकों का कर्जा तो माफ कर सकती है, लेकिन उन किसान का क्या जो ब्याजखोरों के जाल में हैं? उन पर मूल से कई गुना ज्यादा ब्याज…
नर्मदा नदी की दुख व्यथा
इसे आप शोकगीत की तरह पढ़ सकते हैं। मैं नर्मदा हूं। भारत की प्रमुख नदियों में से एक। पुराणों के मुताबिक मुझे प्राचीनकाल से पूजा जाता है। वेदों में मेरे बारे में लिखा गया है- ‘गंगा में सौ बार स्नान के पुण्य से ज्यादा नर्मदा के दर्शन मात्र का…
पाकिस्तान सेना से सामंजस्य बनाना इमरान ख़ान की बड़ी चुनौती
इमरान ख़ान तैयार हैं। दो दशक से वे इस घड़ी का इंतज़ार कर रहे थे। फ़ौजी समर्थन ने उनकी किस्मत का बन्द दरवाज़ा खोल दिया। जानना दिलचस्प है कि जिस वोट की ताक़त ने उनकी ज़िंदगी बदली,उस वोट में उनका चालीस साल की उमर तक यक़ीन ही नहीं था। इसलिए पार्टी…
इमरान खान को मोदी जैसा काम करना होगा
हो सकता है भविष्य में इमरान खान भी नवाज़ शरीफ के नक़्शे कदम पर चलने लगें लेकिन जिस तरह उनकी पार्टी को बढ़त मिली है उनका प्रधानमंत्री बनना तय है। मेरी दिली तमन्ना भी है कि क्रिकेट जगत का ये आलराउंडर अब पाक और भारत के बीच रिश्तों की नई इबारत…
पाकिस्तान की नई सरकार क्या अपने वादों पर खरी उतर पाएगी?
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री को यह मौका मिल रहा है वह चाहे तो पाकिस्तान का इतिहास बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह बात अब उस नयी शख्सियत पर निर्भर रहेगी कि वह पाकिस्तान की बरसों पुरानी रवायत बदलकर कुछ नया कर दिखाए या फिर…
जन तंत्र से भीड़ तंत्र की तरफ क्यों जाता भारत
स्कूल के दौरान सभी राष्ट्रीय त्योहारों पर प्रभातफेरियों में एक नारा उत्साह से भर देता था। सब जोर से कहते, अनेकता में एकता... दूसरी ओर से आवाज आती... भारत की विशेषता। किताबों में जब पढ़ते भारत विविधताओं का देश है और उनके बीच में समन्वय ही…
पश्चिमी देशों की तरह भारत में रिवॉल्वर चलाने की सीख कहां तक वाजिब ?
महात्मा गांधी के विचारों को आदर्श मानने वाले देश में हम कहाँ जा रहे हैं ? मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को खुद पुलिस ही हिंसक मानसिकता की तरफ धकेल रही है। क्या ऐसा कर हम अपने नौनिहालों को वेस्टर्न (अमेरिकन) सोसायटी के बच्चों की तरह हिंसा के…
आपसी कलह से जूझ रही मध्यप्रदेश कांग्रेस
मध्यप्रदेश में कांग्रेस इन दिनों अविश्वास, अहं और कलह के जिस जाल में उलझी हुई है उससे मुक्ति की राह नहीं खोजी गई तो लगता नहीं कि वह भाजपा को चौथी बार सरकार बनाने से रोकने के अपने मंसूबों में कामयाब हो ही जाएगी। जिन बड़े नेताओं पर मप्र में…