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विश्लेषण

हर इंसान एक मुखौटा, एक खामोश चेहरा!

*संजय स्वतंत्र मनुष्यों में अब पहले जैसी सादगी, सच्चाई और ईमानदारी नहीं दिखती। नैतिक मूल्य तो दूर की बात है। हम सब ने इन गुणों को मुखौटों में बदल लिया है। जब जहां जरूरत पड़ी, उसे पहन लेते हैं। अब इसे आप समाज, राजनीति और सांस्कृतिक…

श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस बैचेन क्यों ?

*गोविंद मालू अयोध्या में श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद कांग्रेस में बैचेनी है ।केवल कांग्रेसी नेताओ के घर मातम दुख रहा है जबकि पुरा देश खुशियां मना रहा है। पूरी दुनिया राम मय हो गई है हम पीले चांवल बांट रहे, कांग्रेसी…

नए कानूनों से अपराधियों को 3 साल में सज़ा : अमित शाह

इंद्र वशिष्ठ,  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण लागू हो जाने के बाद किसी भी एफआईआर पर ज्यादा से ज्यादा तीन साल के अंदर सज़ा कराने का काम समाप्त हो जाएगा। इससे न्याय में जो देरी है, हम उसकी समाप्ति की…

“रामकथा असीम है, रामायण भी अनंत हैं। राम के आदर्श, मूल्य और शिक्षाएँ, सब जगह एक समान हैं”:…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 23जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा (प्रतिष्ठा) समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने श्री राम जन्मभूमि…

रामायण में प्रेम ही नहीं अद्भुत त्याग भी है …

प्रस्तुति -कुमार राकेश एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी। नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ? मालूम पड़ा श्रुतकीर्ति जी (सबसे छोटी बहु, शत्रुघ्न जी की पत्नी) हैं । माता कौशल्या जी ने…

रामायण में प्रेम ही नहीं अद्भुत त्याग भी है !

प्रस्तुति -कुमार राकेश  एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी। नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ? मालूम पड़ा श्रुतकीर्ति जी (सबसे छोटी बहु, शत्रुघ्न जी की पत्नी) हैं । माता कौशल्या जी…

लोकनायक श्रीराम / 5

- प्रशांत पोळ अवधपुरी के राजप्रासाद में श्रीराम के युवराज्याभिषेक की तैयारियां चल रही है. मुहूर्त पर चर्चा हो रही है. राजा दशरथ, श्रीराम को अपने पास बुलाते हैं तथा कहते हैं, "हे रघुनंदन, मेरे सपनों में अशुभ लक्षण प्रकट हो रहे हैं. इसलिए,…

लोकनायक श्रीराम – ४

- प्रशांत पोळ मिथिला. आर्यावर्त के उत्तर - पूर्व दिशा में स्थित एक वैभव संपन्न जनपद, जिसके राजधानी का नाम भी मिथिला है. यह जनपद, लोक कल्याणकारी राज्य का अनुपम उदाहरण है. इस राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं, शक्ति और बुद्धि का अपूर्व समन्वय जिन…

अयोध्या से दूरी, विपक्ष की कैसी मजबूरी ?

*कुमार राकेश श्रीराम नगरी ,अयोध्या को लेकर भारत की राजनीति में अभी भी कोहराम मचा हुआ हैं.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के साथ पूरा विश्व आनंदित हैं जबकि विपक्षी दलों में  भ्रम की स्थिति बनी हुई हैं .उनके सभी पुराने दाँव उलटे पड़ने…

लोकनायक श्रीराम / 3

- प्रशांत पोळ मुनीश्रेष्ठ विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण चल रहे हैं. वें गंगा नदी पार कर, दक्षिण तट पर आते हैं. प्रवास पुनः प्रारंभ होता है. अब रास्ते में एक भयानक वन आता है, जिसमें सिंह, व्याघ्र, हाथी जैसे जानवर विचरण कर रहे हैं.…