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विश्लेषण

बीस साल बाद का भारत …??!!

प्रस्तुति -:समग्र समाचार सेवा रोज की तरह आज भी लगभग सुबह पौने पाँच बजे, तेज शोर से अचानक नींद खुल गई!!.. अजान हो रही थी !!.. अब मस्जिदे बहुत ज्यादा दूरी पर नही रह गई थी. हर मोहल्ले में मिलने वाले पार्क अब मस्जिदों का रूप ले चुके है…

भाजपा फिर बहुमत की तरफ, शिवराज सबसे जनप्रिय नेता

नितिनमोहन शर्मा। जगत मामा यानी शिवराज भैय्या ही मध्यप्रदेश भाजपा के इकलौते खेवनहार साबित हो रहें हैं। उन्ही के दम पर भाजपा मध्यप्रदेश की सत्ता के एक बार फिर लौट रही हैं। वह भी पूर्ण बहुमत के साथ। 140 सीट के आसपास तक। 18 साल की सत्ता के बाद…

आखिर इस “Indian” शब्द का क्या अर्थ है…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 7सिंतबर। “Indian” शब्द का अर्थ है हरामी संतान, आपने पढ़ा होगा अंग्रेजोँ के समय मेँ सिनेमाघरोँ और कई सार्वजनिक जगहोँ पर “Dogs and Indians are not allowed” का बोर्ड लगा रहता था इसी से आप समझ सकते हैँ, अंग्रेज के…

उद्योगपतियों के परम मित्र मोदी जी ने अबकी मीडिया उद्यमी सुभाष चंद्रा का हज़ारों करोड़ रुपये माफ़ कर…

सुने हैं कि जी मीडिया समूह का करोडों रुपये का लोन माफ कर दिया गया..? किसी कंपनी को दिए गए बैंक लोन में कंपनी के मालिकों की पर्सनल गारंटी भी होती है…

मोहब्बत बनाम नफरत का अक्स

-बलबीर पुंज कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' से बेचे जाने वाले वस्तुओं के नमूने उपलब्ध होना आरंभ हो गए है। चेन्नई में 2 सितंबर को एक कार्यक्रम में बोलते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "कुछ चीजें हैं, जिनका हमें…

क्या यही सनातन धर्म है ?

*शिवानन्द तिवारी किसी का सर काटने के लिए इनाम की घोषणा करना क्या सनातन धर्म है ! धार्मिक सम्मेलनों में किसी समुदाय विशेष के जनसंहार करने की अपील करना क्या सनातन धर्म का हिस्सा है. याद होगा, महाभारत काल के सनातनी गुरू द्रोणाचार्य ने गुरु…

मिर्च-मसाला- संसद के विशेष सत्र का छुपा एजेंडा क्या है?

त्रिदीब रमण ’उतनी बारूद अपने अंदर बचा कर रखना जितनी रखती हैं माचिस की तिल्लियां अंधेरों को मालूम हो तेरे जलने का हुनर’ शह-मात की सियासी बिसात पर आप इसे केंद्र नीत भाजपा सरकार का एक बेहद सुविचारित दांव मान सकते हैं, अब यह महज़ इत्तफाक…

राष्ट्रप्रथम- ग़लत फहमी के नैरेटिव की पाठशाला

पार्थसारथि थपलियाल पापी पेट क्या नही करवाता इसका प्रबल उदाहरण है पत्रकारिता। 30-35 साल पहले झूठ का सच गड़ने वाले न समाचार पत्र हुआ करते थे न रेडियो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। आकाशवाणी विवादित विषयों की बजाय सामाजिक उत्थान, विकासात्मक और…

सार्वजनिक जीवन के वैचारिक बौने लोग

पार्थसारथि थपलियाल भारत में मर्यादाओं की रक्षा समाज स्वयं करता आया है। लोक संस्कार, लोक व्यवहार, लोक अभिव्यक्ति और प्रदर्शन को लोक-मर्यादा और लोक-लाज नियंत्रित करते रहे। मर्यादाविहीन आचरण करने वाले स्वयं ही खलनायक बन जाते हैं। लोक…

अजय सिंह “राहुल” का टिकट काटने की तैयारी ?

अरुण दीक्षित क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय सिंह "राहुल" को पार्टी के भीतर हाशिए पर धकेला जा रहा है ?उनके आसपास के लोगों को आगे बढ़ाकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश कांग्रेस हाई कमान कर रही है?उनका विधानसभा टिकट काटने की…