NEET-UG पेपर लीक केस: CBI ने चार्जशीट में 13 के नाम NTA के विशेषज्ञ

  • CBI ने NEET-UG पेपर लीक केस में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
  • NTA के तीन विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों के लोग, बिचौलिए और विद्यार्थी शामिल
  • डिजिटल फॉरेंसिक, मनी ट्रेल, बैंक अकाउंट्स फ्रीज
  • देशभर में 92 जगहों पर छापेमारी, पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़
  • जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 29 जुलाई :
सीबीआई ने मंगलवार को NEET UG 2026 पेपर लीक केस में 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसमें तीन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के विषय विशेषज्ञ, दो कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग, बिचौलिए और कई लाभार्थी परीक्षार्थी शामिल हैं। सभी 13 आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।

चार्जशीट की मुख्य बातें:

  • आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत नष्ट करने सहित कई धाराएं लगाई गईं।
  • चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 सबूत पेश किए गए।
  • डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट और अकादमिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी सौंपी गई।
  • NTA के तीन विषय विशेषज्ञ—पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री), मनीषा गुरुनाथ मंडहरे (बायोलॉजी) और मनीषा संजय हवलदार (फिजिक्स)—आरोपी बनाए गए हैं।
  • लातूर के डॉ. मनोज शिरुरे, पुणे के डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) के टीजस शाह, लातूर के कोचिंग सेंटर के शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर सहित कई नाम दर्ज।
  • कई बिचौलिए, जिन्होंने लीक हुए प्रश्नपत्रों को आगे बढ़ाया, गिरफ्तार किए गए।
  • मनी ट्रेल का विश्लेषण कर कई बैंक खाते, लॉकर और डिमैट खाते फ्रीज किए गए।

CBI ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों की जांच शुरू की थी। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे लीक के चलते रद्द कर 21 जून को फिर से आयोजित किया गया। जांच के दौरान CBI ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत 92 स्थानों पर छापेमारी की और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

पेपर लीक के मुद्दे ने बड़ा राजनीतिक रूप लिया था। ‘Gen Z’ के नेतृत्व वाली काकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

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