डॉ. सुमित्रा देवी शर्मा को मिला यंग फैकल्टी अवार्ड
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्ट शोध और शिक्षण के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान।
- जयपुर की शिक्षाविद् डॉ. सुमित्रा देवी शर्मा को शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘इमर्जिंग यंग फैकल्टी एक्सीलेंस अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया है।
- यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया गया।
- इस संगोष्ठी का मुख्य विषय “विकसित भारत @ 2047: शासन में नए प्रतिमान – नागरिकों का सशक्तिकरण और अंतिम छोर तक पहुंच” था।
कुरुक्षेत्र, 27 सितंबर: शिक्षा और शोध के क्षेत्र में जयपुर का नाम रोशन करते हुए डॉ. सुमित्रा देवी शर्मा को ‘इमर्जिंग यंग फैकल्टी एक्सीलेंस अवार्ड-2026’ (Emerging Young Faculty Excellence Award-2026) से अलंकृत किया गया है। यह गौरवशाली सम्मान उन्हें हरियाणा स्थित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग तथा न्यू पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एजुकेशनल सोसाइटी ऑफ इंडिया (नेपासी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया गया। देश भर से पहुंचे प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और प्रशासनिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में उन्हें यह पुरस्कार उनके अकादमिक समर्पण और शिक्षण में नवाचार के लिए दिया गया।
‘विकसित भारत @ 2047’ विषय पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
यह प्रतिष्ठित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 24 और 25 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में संपन्न हुई थी। इस संगोष्ठी का केंद्रीय विषय बेहद प्रासंगिक और दूरदर्शी था, जो कि “विकसित भारत @ 2047: शासन में नए प्रतिमान – नागरिकों का सशक्तिकरण और अंतिम छोर तक पहुंच” पर केंद्रित था। इस मंच पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विद्वानों ने शासन प्रणालियों में सुधार, आम नागरिकों के सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे और शोध पत्र प्रस्तुत किए।
लोक प्रशासन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य
आयोजकों ने बताया कि डॉ. सुमित्रा देवी शर्मा ने लोक प्रशासन (Public Administration) के क्षेत्र में जिस निष्ठा और गहराई के साथ शोध कार्य किए हैं, वे युवा पीढ़ी के शोधार्थियों के लिए एक मिसाल हैं। शिक्षण के दौरान उनके द्वारा अपनाई गई आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों ने विद्यार्थियों के बीच अकादमिक स्तर को सुदृढ़ किया है। इस बड़ी उपलब्धि पर उनके पैतृक शहर जयपुर सहित शैक्षणिक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
इस अवसर पर प्रो. जनक सिंह मीना, प्रो. राजेश कुमार, डॉ. संजय यादव, डॉ. विवेकानंद उपाध्याय, मीनाक्षी हूजा, महेश गोठवाल, प्रो. बी. आर. अम्बेडकर, सुधीरा सी. जेना, डॉ. राजेंद्र सिंह, ब्रजेन्द्र सिंह, डॉ. बद्रीनारायण जाट, और डॉ. कबीर सहित कई गणमान्य शिक्षाविदों ने डॉ. सुमित्रा देवी को फोन और संदेशों के जरिए अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
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