ऑस्ट्रेलिया में मोदी के कार्यक्रम पर विवाद: आयोजकों ने कहा- लोगों को पैसे देकर नहीं बुलाया गया
कांग्रेस के बयान पर जताई आपत्ति
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,14 जुलाई :ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 9 जुलाई को हुए ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम को लेकर विवाद छिड़ गया है। कार्यक्रम के आयोजकों ने साफ कहा है कि इसमें शामिल होने के लिए किसी को पैसे नहीं दिए गए थे।
इससे पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कार्यक्रम में लोगों को पैसे देकर और चार्टर्ड फ्लाइट से बुलाया गया था। आयोजकों ने इन दावों को नकारते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर माफी और बयान वापस लेने की मांग की है। आयोजकों के अनुसार, ऐसा बयान भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय का अपमान है और इसका खर्च न BJP, न भारत सरकार, न ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उठाया।
क्या था मामला:
- मोदी 9-10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे। मेलबर्न कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोग शामिल हुए।
- कार्यक्रम में मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया और ऑस्ट्रेलियाई पीएम के सम्मान में मौजूद लोगों ने मोबाइल फ्लैश लाइट जलाई।
- कांग्रेस का दावा था कि 25-30 हजार लोगों को पैसे देकर NRI बुलाए गए।
आयोजकों का पक्ष:
- चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था के लिए महीनों तैयारी हुई।
- कई स्वयंसेवकों ने व्यक्तिगत समय, कारोबार और आर्थिक जोखिम उठाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
- आयोजकों ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी या BJP की आलोचना करो, लेकिन प्रवासी भारतीयों की लोकतांत्रिक पसंद को निशाना न बनाओ।
मोदी का संबोधन:
- पीएम मोदी ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। भारत-ऑस्ट्रेलिया मिलकर रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और स्पेस समेत कई क्षेत्रों में समझौते करेंगे।
- ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा और दोनों देश “क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर” विकसित करेंगे। कोकोस द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनेगा, जो गगनयान मिशन में मदद करेगा।
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