असम: बहुविवाह करने वालों को सरकारी योजनाओं का लाभ न देने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बहुविवाह और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग अब सरकारी लाभ के पात्र नहीं होंगे

  • असम सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव रखा कि बहुविवाह करने वाले व्यक्ति को कोई भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने का भी प्रस्ताव।
  • प्रस्ताव का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, लैंगिक न्याय और जिम्मेदार पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।
  • बजट 2026-27 में यह घोषणा की गई; बजट का आकार 2,85,084 करोड़ रुपये।
  • अपराध के दोषी लोगों को भी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने का प्रावधान।
  • मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा- बहुविवाह और आपराधिक मामलों से जुड़े लोग अब सरकारी योजनाओं के पात्र नहीं होंगे।

 समग्र समाचार सेवा

असम,14 जुलाई: असम सरकार ने हाल ही में विधानसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है, जिसके अनुसार अब राज्य में बहुविवाह करने वाले व्यक्तियों को किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। य प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, बल्कि जो सरकारी कर्मचारी बहुविवाह करते हैं, उन्हें भी सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। 

2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की गई, जो कुल 2,85,084 करोड़ रुपये के बजट का हिस्सा है। बजट पेश करते हुए वित्त और वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बताया कि यह कदम असम को 2047 तक विकसित भारत और विकसित असम के विजन में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष भविष्य में किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा। साथ ही, असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964 में भी संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है ताकि बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को कानून के तहत सेवा से बर्खास्त किया जा सके।

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