पालघर में संतों का संहार: एक गहरी साजिश

डॉ विजय सोनकर शास्त्री  : महाराष्ट्र के पालघर में गत 16 अप्रैल की रात दो साधू महाराज कल्पवृक्षगिरि महाराज (70), सुशीलगिरि महाराज (35) अपने ड्राइवर निलेश तेलगड़े के साथ एक परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई से सूरत जा रहे…

पालघर हत्याकांड – हिन्दू-विरोधी सुनियोजित षड्यंत्र : मिलिंद परांडे

नई दिल्ली.23 अप्रैल.विश्व हिन्दू परिषद ने महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में पूज्य साधुओं व उनके चालक की अत्यंत दु:खद व निर्मम हत्या की घटना को एक हिन्दू विरोधी सुनियोजित षडयन्त्र बताया है। विहिप के केन्द्रीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज…

मरते साधु,हँसते अपराधी,राज भोगते उद्धव ठाकरे

आज देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र की स्थिति के मद्देनजर हिन्दू ह्रदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की आत्मा कराह रही होगी.क्या सोच रहे होंगे? सच में,यदि आज शिव सेना के संस्थापक श्री बालासाहेब ठाकरे जिंदा होते तो क्या महाराष्ट्र के पालघर में ऐसी…

राहुल वार्ता में कुछ नया था या सिर्फ मोदी की नक़ल?

कुमार राकेश : विश्व के इस कोरोना महामारी संक्रमण काल में क्या कांग्रेस भी संक्रमित हो गया है ? क्या कांग्रेस भ्रमित हो गया है ? क्या कांग्रेस के पास अपनी कोई ठोस नीति नहीं है ? या उनके पास मोदी सरकार के कोरोना युद्ध कार्यों का सिर्फ नक़ल है…

इस्लाम बड़ा या इंसानियत

कुमार राकेश : कहते है इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं.कोई कुछ भी कहे.सभी धर्मों का सार इंसानियत है.किसी भी धर्म की जड़ में जाये,वहां पर इंसानियत का ही वर्चस्व है.ये होना भी चाहिए.लेकिन बदले हुए हालात व परिस्थितियों के मद्देनजर इस्लाम के कुछ…

कोरोना का कहर,बेबस सरकारें,तडपते मजदूर

कोरोना-COVID-19 का विश्व में कोहराम है.भारत में कोहराम है.राज्यों में कहर है.मजदूरों  से लेकर प्रधानमन्त्री तक चिंतित है,परेशान है.बेबस है.विवश भी.परन्तु कोरोना covid-19 को देश से जडमूल से भगाने के लिए जंग जारी है.प्रधानमंत्री को देश को…

पीएम मोदी का आह्वान–जान है तो है जहान

कुमार राकेश : कहते है कि जान है तो जहान है.जान की रक्षा के इर्द-गिर्द पूरी दुनिया का चक्र घूमता रहता है.चाहे किसी की जान क्यों नहीं हो. किसी भी प्राणी पर आये किसी प्रकार के संकट से बचना और बचाना मानव जाति का प्रथम व अंतिम मूल कर्तव्य है…

कोरोना का कोहराम,करो नमस्ते-रहो आराम

कुमार राकेश : जनता कर्फ्यू,22 मार्च 2020 को भारत के इतिहास में पहली बार,न भूतो न भविष्यति.महात्मा गाँधी के बाद शायद पहली बार किसी नेता के आह्वान पर देश एक बड़े कारण के लिए एक सूत्र में बंधा दिखा,वो  हैं लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेद्र भाई मोदी…

सिंधिया मस्त,कांग्रेस पस्त

कुमार राकेश - मानव जीवन की सबसे बड़ी पूँजी मानी जाती है-आचार,व्यवहार और संस्कार के साथ इनमे उचित समन्वय व संयोजन .इतिहास देखे तो लगता है कि भारत और विश्व की जितनी लड़ाईयां लड़ी गयी,सभी के मूलाधार में आचारो व व्यवहारों में अजीब किस्म का असंतुलन…