- पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की।
- सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से नियमों का पालन सुनिश्चित; लाउडस्पीकर हटाने के लिए मौखिक निर्देश।
- नियम: सुबह 6 से रात 10 बजे तक लाउडस्पीकर के लिए पुलिस की अनुमति, साउंड लिमिटर और 50-75 डेसिबल की सीमा अनिवार्य।
- मंदिर और मस्जिद समितियों ने लिखित आदेश की मांग की; कई जगह मौखिक निर्देश ही दिए गए।
समग्र समाचार सेवा
कोलकाता, 6 अगस्त :पश्चिम बंगाल पुलिस ने शोर-शराबे और ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करते हुए राज्यभर में दो दिनों के भीतर 1,500 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवा दिए हैं।
इनमें 1,279 मस्जिदें और 199 मंदिर शामिल हैं, जहां तय डेसिबल सीमा का उल्लंघन पाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी पूजा स्थलों पर बिना भेदभाव के नियमों का पालन कराया जा रहा है।
बंगाल के शोर प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत दिन में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए पुलिस की अनुमति और साउंड लिमिटर जरूरी है।
कई धार्मिक समितियों ने बताया कि पुलिस ने लाउडस्पीकर हटाने का मौखिक निर्देश दिया, हालांकि कई जगह लिखित आदेश नहीं मिले।
राज्य में अपनी तरह के इस पहले बड़े अभियान के तहत सरकार उपभोक्ता हित और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रही है।
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