समग्र समाचार सेवा
कोलकाता,14 जुलाई : दक्षिण 24 परगना की मालती विश्वास ने आरोप लगाया कि घुटने के दर्द के इलाज के लिए सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर में गई थीं, जहां दवा दी गई। हालत बिगड़ने पर दूसरी बार शिविर में बड़ी राशि मांगी गई, फिर सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने टांग काटनी पड़ी। पुलिस ने बनर्जी समेत अन्य पर एफआईआर दर्ज की है, जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक गंभीर आरोप सामने आया है। राज्य की एक महिला ने आरोप लगाया है कि एक स्वास्थ्य शिविर में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी टांग काटनी पड़ी। महिला का कहना है कि यह स्वास्थ्य शिविर सांसद अभिषेक बनर्जी की देखरेख में आयोजित किया गया था।
पीड़िता के मुताबिक, उसने स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सा सुविधा ली थी, लेकिन इलाज के बाद संक्रमण बढ़ता गया और समय रहते सही उपचार नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों को उसकी टांग काटनी पड़ी। इस घटना के बाद महिला ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने राज्य में स्वास्थ्य शिविरों की गुणवत्ता और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर टीएमसी और अभिषेक बनर्जी को घेरा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
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