जेडीयू से निष्कासन पर भड़के अनंत सिंह, नई पार्टी बनाने का ऐलान
जेडीयू द्वारा 6 साल के लिए पार्टी से निकाले जाने पर बाहुबली विधायक अनंत सिंह का तीखा पलटवार, नीतीश कुमार और पार्टी पर साधा जोरदार निशाना।
- जेडीयू से निष्कासन के बाद बाहुबली अनंत सिंह का बड़ा ऐलान।
- नीतीश कुमार के बाद पार्टी में कुछ नहीं बचने का दावा किया।
- जल्द ही अपनी खुद की नई पार्टी बनाने की बात कही।
समग्र समाचार सेवा
पटना, 27 अक्तूबर: बिहार की राजनीति में उठापटक का दौर लगातार जारी है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पूर्व विधायक पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद से सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पार्टी के इस कड़े फैसले पर अब खुद अनंत सिंह ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। जेडीयू से बाहर किए जाने से खफा अनंत सिंह ने न केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी नेतृत्व पर तीखे जुबानी हमले किए, बल्कि यह भी ऐलान कर दिया है कि वे जल्द ही अपनी खुद की एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे।
‘नीतीश कुमार के जाने के बाद पार्टी में कुछ नहीं बचा’
मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज की जनता दल यूनाइटेड में अब पहले जैसी बात नहीं रह गई है। उन्होंने सीधे तौर पर बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद इस पार्टी में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है। अनंत सिंह ने दावा किया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग ऐसे हैं जो व्यक्तिगत खुन्नस और इशारों पर काम कर रहे हैं और जमीनी नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि मोकामा और पूरे बिहार की जनता उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
बाहुबली नेता ने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी संकेत दिया कि राजनीति में विकल्प कभी खत्म नहीं होते हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वह चुप बैठने वाले नहीं हैं और जल्द ही अपने समर्थकों तथा क्षेत्र के लोगों के साथ विचार-विमर्श करके अपनी खुद की एक नई पार्टी बनाएंगे, जिसके जरिए आगामी राजनीतिक लड़ाइयां लड़ी जाएंगी।
एमएलसी चुनाव और बगावत से उपजा है पूरा विवाद
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पूरा विवाद हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान परिषद के चुनावों के दौरान सामने आया। जेडीयू ने पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। दरअसल, अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया था और सार्वजनिक मंचों से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने की कसम खाई थी।
पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत प्रभाव से उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी थी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधायकी (MLA Membership) संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत रद्द करने की औपचारिक सिफारिश भी कर दी है। इसी फैसले के बाद से दोनों पक्षों के बीच दूरियां और अधिक बढ़ गई हैं।
मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में नए राजनीतिक समीकरण
अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन और उनके द्वारा नई पार्टी बनाने के ऐलान के बाद मोकामा, बाढ़ और पटना जिले के ग्रामीण इलाकों के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह का अपने क्षेत्र में मजबूत प्रभाव माना जाता है। उनके इस कदम से आगामी विधानसभा और अन्य स्थानीय चुनावों में एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
स्थानीय जानकारों का मानना है कि यदि अनंत सिंह अपनी नई पार्टी के बैनर तले उतरते हैं, तो वह क्षेत्रीय स्तर पर कुछ सीटों पर असर जरूर डाल सकते हैं। हालांकि, यह देखना भी दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर उनकी विधायकी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष क्या निर्णय लेते हैं।
निष्कर्ष
जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का यह आक्रामक रुख यह स्पष्ट करता है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिलेगी। एक तरफ जहां सत्ताधारी दल अनुशासन का पाठ पढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाहुबली नेता ने अपनी अलग राह चुनकर मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
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