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विचार
हम कब अपने नायकों को पहचानेंगे?
-बलबीर पुंज।
जो राष्ट्र अपने नायकों को नहीं पहचानता, उनका सम्मान नहीं करता— वह जीवित रहने का अधिकार खो देता है। पहले भारत का तीन हिस्सों (खंडित भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश) में विभाजित होना, फिर कश्मीर के एक तिहाई पर कब्जा हो जाना और…
खजुराहो मंदिर की मूर्तियां…जिसमें गहरे दार्शनिक अर्थ समाहित हैं
खजुराहो परिसर में मौजूद 25 मंदिरों के अवशेष हजारों वर्ष पुराने हैं। मंदिर हमें प्राचीन भारत के बारे में उस युग के किसी भी अन्य खंडहरों की तुलना में कहीं अधिक गहरी बातें बताते हैं। लेकिन यह सब उत्तर भारत में सदियों पहले बने ऐसे अद्भुत…
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: साहिब की गोरी - बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान।
क्या प्रियंका मध्य प्रदेश से लड़ेंगी अपना पहला चुनाव?
त्रिदीब रमण।
’घर से निकल रहे हो तो अपने सायों को भी साथ ले लो
जिन्हें धुंधला दिखता है अब, उन बूढ़ी मां का आशीर्वाद भी ले लो
सफर में तो राहों में धूप होगी, मंजिलें भी मजबूर होंगी
पांवों में छाले होंगे, तुमसे नाराज़ तेरे चाहने वाले…
“लचित बोरफुकन का जीवन हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ जीने के लिए प्रेरित…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती के साल भर चलने वाले समारोह के समापन समारोह में संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 'लचित बोरफुकन – असम्स हीरो हू हाल्टेड द मुगल्स' नामक पुस्तक का विमोचन…