Browsing Category
विचार
1मई : अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर विशेष-मजदूरों का शोषण मानवता का उपहास
पांडेय सृजन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1मई। हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मई महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को 'मई दिवस' भी कहकर बुलाया जाता है।
अमेरिका में 1886 में जब मजदूर संगठनों द्वारा एक शिफ्ट…
रोहित सरदाना की मृत्यु के बहाने प्रगतिशील असहिष्णुता का नंगा नाच
सोनाली मिश्रा।
कल सुबह एक समाचारआया, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। वरिष्ठ पत्रकार एवं वर्तमान में आजतक में एंकर रोहित सरदाना का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। रोहित कोरोना से भी संक्रमित थे।
रोहित सरदाना एक वर्ग विशेष को…
रोहित की मृत्यु पर उपहास उड़ा रहे कथित मानवाधिकारवादी और कट्टरपंथी, बेटियों के लिए लिखा इतना…
आशीष कुमार 'अंशु'।
कथित मानवाधिकारवादियों, प्रगतिशीलों और कट्टरपंथियों की एक बड़ी जमात रोहित सरदाना और उनके परिवार के लिए अपशब्द लिख रही है। मानवीय संवेदनाओं का उपहास उड़ाता यह व्यवहार मानवाधिकार और प्रगतिशीलता के नाम पर चल रही दुकानों…
कोरोना संग्राम में अकारण आरोपों को लेकर विपक्षी दल के सभी मुख्यमंत्री गण, प्रधानमंत्री श्री मोदी जी…
स्निग्धा श्रीवास्तव
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। देश में कोरोना संकमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन,वैक्सीन और कोरोना की दवाइयों की कमी कुछ राजनीतिक दलों के लिए केंद्र सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। …
भारत के जिम्मेदार नागरिक बनें, नकारात्मक नही सकारात्मक मैसेज वायरल करें….
पूजा बंसल
नमस्कार! मै भारत की एक जिम्मेदार नागरिक हूं। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मै आपसे आग्रह करती हूं कि सकारात्मक बने और समाज को सकारात्मक मैसेज दें, और वायरल करें। जैसा कि सभी जानते है भारत कोरोना के खिलाफ युद्धरत है, ऐसे…
ऑक्सीजन पर हाहाकार: क्या यह ‘राष्ट्रीय आपात काल’ नहीं है?
अजय बोकिल
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरूवार को जब देश में प्राणवायु को लेकर मचे हाहाकार को ‘राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति’ निरूपित किया, उसी से समझ जाना चाहिए कि मेडिकल ऑक्सीजन के संकट की हालत क्या है। देश के 6 हाई कोर्टों में ऑक्सीजन की किल्लत…
कोरोना काल में भाजपा व मोदी सरकार बचाव कार्य में तो कांग्रेस व उनके साथी दल खिचाई मुद्रा में
*कुमार राकेश
भाजपा और मोदी सरकार जहाँ कोरोना से लड़ाई के लिए हर प्रकार के बचाव उपक्रम में जुटे हुए हैं वही कांग्रेस और उनके राहुल गाँधी और अन्य नेता सिर्फ सरकार को कोसने में लगे हुए हैं.भाजपा व मोदी सरकार सेवा भाव में तो कांग्रेस…
कोरोना, चुनावी राजनीति और बेचारी जनता !
*कुमार राकेश
ये क्या हो गया अपने देश भारत को ? देखते देखते सब कुछ तबाह होता जा रहा है.जनता अपनी जिद में ,सरकार अपने रौ में .कोरोना अपनी गति में .सब कुछ गडबड हो गया है .सब भ्रमित हो गए हैं .अचानक कोरोना नियंत्रित होते होते अनियंत्रित…
दीदी,ओ दीदी,आखिर प्रशांत किशोर नाराज़ क्यों हैं ?
आलोक कुमार
प्रशांत किशोर के साथ आखिर हुआ क्या है ? एकदम से तड़फड़ाये हुए है. खिलंदड़ी अंदाज़ में 'चित भी मेरी, पट भी मेरी' का खेल खेले जा रहे हैं. नगरी नगरी द्वारे द्वारे के तर्ज़ पर घूम घूमकर पॉपुलर न्यूज़ चैनलों पर कन्विक्शन के साथ…
कहो तो कह दूँ – प्यारे “रेमेडेसिवर” तुम तो ऐसे गायब हुए जैसे चुनाव जीतने के बाद…
चैतन्य भट्ट।
पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है, लोग सुबह से रात तक सिर्फ तुम्हें ही ढूंढ रहे हैं, हर दूसरा आदमी सोते जागते तुम्हारा ही नाम रट रहा है, सरकार भी हलाकान है कि तुम्हें कंहा से ढूंढ कर लाये l दवाइयों की दुकानों के सामने भीड़…