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संस्कृति

लिव-इन संबंधों का तामसी भ्रमजाल : प्रेम या सामाजिक भ्रम?

श्रद्धा वॉकर की वह क्रूर, अमानवीय, जंगली और बर्बर हत्या को कौन भूल सकता है, जो 2022 में दिल्ली में उसके लिव-इन  साथी द्वारा की गई थी? वह न केवल शारीरिक हिंसा की शिकार थी, बल्कि मानसिक और आर्थिक शोषण की भी शिकार हो  रही थी। इस…

दक्षिणापथ का गौरव: भारत की अनमोल धरोहर

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,22 मार्च। भारत की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से "दक्षिणापथ थ्रू द एजेस – ग्लोरी ऑफ भारत" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह प्रतिष्ठित संगोष्ठी…

सतत शिक्षा हेतु गीता-प्रेरित नीडोनॉमिक्स आवश्यक है, जो सुबह के समय का उपयोग करते हुए बेहतर समय…

मुंबई , मार्च 21,2025 - " सतत शिक्षा हेतु, शिक्षण और सीखने को गीता-प्रेरित नीडोनॉमिक्स द्वारा परिवर्तित किया जाना चाहिए, जिसमें प्रातःकालीन कार्य समय और बेहतर समय प्रबंधन पर जोर हो।“ यह बात तीन बार के कुलपति और नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के…

अफगानिस्तान में टाइम वेल में फंसा मिला महाभारत कालीन विमान: एक रहस्यमय खोज

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,21 मार्च। महाभारत को एक काल्पनिक कथा मानने का चलन बहुत पुराना है , लेकिन हाल के कुछ खोजों ने इस अवधारणा को चुनौती दी है। क्या महाभारत काल वास्तव में इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था? अफगानिस्तान में एक अजीब और…

तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन का व्यापक इतिहास

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,15 मार्च। द्रविड़ आंदोलन तमिलनाडु की राजनीति, समाज और सांस्कृतिक चेतना में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला आंदोलन रहा है। यह आंदोलन मुख्य रूप से सामाजिक न्याय, ब्राह्मणवादी वर्चस्व के विरोध और द्रविड़ पहचान की…

कश्मीरी त्रिक शैववाद और कर्नाटक के लिंगायत शैववाद: दो महान परंपराओं के बीच संवाद की पहल

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,13 मार्च। भारत में शैव परंपरा ने विविध रूपों में विकसित होकर दार्शनिक गहराई और सामाजिक चेतना को समृद्ध किया है। इस संदर्भ में कश्मीरी त्रिक शैववाद और कर्नाटक का लिंगायत शैववाद दो महत्वपूर्ण धाराएँ हैं, जो अपने…

होलिका दहन 2025: अच्छाई की बुराई पर जीत

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,13 मार्च। होलिका दहन, जिसे छोटी होली भी कहते हैं, हिन्दू धर्म में एक प्रमुख पर्व है जो रंगवाली होली से एक दिन पहले मनाया जाता है। यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है और इस दिन को विशेष रूप से होलिका के अग्नि…

होली का त्योहार: सांस्कृतिक धरोहर और वैज्ञानिक आधार

डॉ कल्पना बोरा नई दिल्ली,13 मार्च। हमारा भारत! हजारों देवी-देवताओं, त्योहारों, वेश-भूषा, व्यंजनों, भाषाओं, परंपराओं, रीति-रिवाजों, और जीवंत उत्सवों के अनुपम संगम का एक जीवंत इकाई “राष्ट्र”! हमारे पास नौ हजार वर्षों से भी अधिक…

आखिर औरंगजेब पर गुस्सा क्यों?

बलबीर पुंज क्या किसी भी सभ्य समाज के लिए मुगल आक्रांता औरंगजेब, तानाशाह हिटलर और गांधीजी का हत्यारा गोडसे गौरव हो सकते हैं? जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र में विधायक अबू आसिम आजमी ने औरंगजेब का महिमामंडन किया, तब वे…

धर्म और शासन की भूमिका: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, राम राज्य और सुशासन

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,12 मार्च। भारत की संस्कृति और समाज का आधार वेदों में निहित है। वेदों के सिद्धांत न केवल धार्मिक विचारधारा को स्पष्ट करते हैं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के उद्देश्यों का निर्धारण भी करते हैं। भारतीय…